Saturday, 23 September 2017

swine flu से सावधानी बरते ।।।।

तब इसे स्वाइन फ्लू इसलिए कहा गया था क्योंकि सुअर में फ्लू फैलाने वाले इनफ्लुएंजा वायरस से यह मिलता-जुलता था। स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। कई बार यह मरीज के आसपास रहने वाले लोगों और तिमारदारों को भी अपनी चपेट में ले लेता है। किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे तो उससे कम से कम तीन फीट की दूरी बनाए रखना चाहिए, स्वाइन फ्लू का मरीज जिस चीज का इस्तेमाल करे, उसे भी नहीं छूना चाहिए। क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण? नाक का लगातार बहना, छींक आनाकफ, कोल्ड और लगातार खांसी मांसपेशियों में दर्द या अकडऩ सिर में भयानक दर्दनींद न आना, ज्यादा थकान दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढऩागले में खराश का लगातार बढ़ते जाना 2 से 9 वर्ष के बीच 89 में से एक बच्चा होता है ऑटिज्म का शिकार ऐसे करें बचाव : स्वाइन फ्लू से बचाव इसे नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी उपाए है। इसका उपचार भी अब मौजूद है। आराम, खूब पानी पीना, शरीर में पानी की कमी न होने देना शुरुआत में पैरासीटामॉल जैसी दवाएं बुखार कम करने के लिए दी जाती हैं। बीमारी के बढऩे पर एंटी वायरल दवा ओसेल्टामिविर (टैमी फ्लू) और जानामीविर (रेलेंजा) जैसी दवाओं से स्वाइन फ्लू का इलाज किया जाता है। ठ्ठ डॅाक्टरी परामर्श के बाद ही दवा का सेवन करें।

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yari